▪️ आईटी पटना के शोध छात्र शैलेष कुमार यादव का शोध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित
▪️ स्वीटजरलैंड अंतरराष्ट्रीय संस्था जर्नल ऑफ मटेरियल्स पब्लिकेशन में शामिल।
▪️ माता पिता परिवार जनों में ख़ुशी की लहर भारत का नाम कर रहे है रोशन।
यदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कुशीनगर। जनपद के रामकोला थानाक्षेत्र के गांव सिधावें निवासी भगवन्त यादव के पुत्र शोध छात्र शैलेष कुमार यादव आईआईटी पटना भूविज्ञान पर्यावरण संरक्षण पर शोधकर रहे है जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध स्वीटजरलैंड के जियोटेक्निकल और जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग जर्नल में चयनित कर प्रकाशित हुआ है। इस शोध पत्र का शीर्षक है “Effects of Specimen Geometry and Bamboo Biochar Amendment on Anisotropic Shrinkage Behavior of Soils” अर्थात् “मिट्टी के अनिसोट्रोपिक सिकुड़न व्यवहार पर नमूने की ज्यामिति और बांस बायोचार संशोधन के प्रभाव”।
इस शोध में शैलेश कुमार यादव ने अपने शोध कार्य के हिस्से के रूप में मिट्टी के सिकुड़न गुणों का अध्ययन किया है, जो भूतकनिकी और भूपर्यावरण इंजीनियरिंग में महत्वपूर्ण हैं। शोध में यह पता लगाया गया है कि नमूने के आकार और बांस बायोचार के संशोधन से मिट्टी के अनिसोट्रोपिक सिकुड़न व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है।
इस शोध के निष्कर्ष जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग में मिट्टी के व्यवहार को समझने और उसका उपयोग करने में मदद कर सकते हैं, विशेष रूप से लैंडफिल जैसी संरचनाओं में शैलेष कुमार के दर्जनों शोध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली हैं जो भारत देश के लिए गर्व का बिषय है इनके उपलब्धि पर माता पिता परिवार जनों और गांव तथा क्षेत्र में खुशीकी लहर है। शैलेष कुमार यादव किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं जो भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है
