भगवन्त यादव संवाददाता
कुशीनगर भगवान बुद्ध का निर्वाण स्थान कुशीनगर की पावन भूमि पर स्थित बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सामाजिक, शैक्षणिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए साहित्यकार एवं शिक्षक श्री सुनील चौरसिया ‘सावन’ को प्राचार्य डा. अमृतांशु शुक्ला ने सम्मानित किया | उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के मनोवांछित विकास में शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षार्थियों की भी महती भूमिका रहती है | जब अपने विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का पताका जहाँ में फहराते हैं तब मन ख़ुशी से फूले नहीं समाता है |महाविद्यालय में आयोजित पुरातन छात्र सम्मलेन में उन पुरातन छात्रों ने शिरकत की जो विभिन्न पदों पर देश- विदेश में सेवा प्रदान कर रहे हैं और महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं | वर्षों बाद एक दूजे से मिलकर सभी शिक्षक एवं पुरातन छात्र आनन्दित दिखे | पुरानी यादों को साझा कर भावविभोर भी दिखे | हिंदी विभागाध्यक्ष डा. राजेश कुमार एवं डा. गौरव तिवारी ने विद्यालय परिवार से परिचय करते हुये बताया कि सुनील चौरसिया ‘सावन’ ने अपने महाविद्यालय से हिंदी,अंग्रेजी और संस्कृत विषयों से बी.ए. और हिंदी विषय से एम . ए. किया हुआ है जो इस समय केन्द्रीय विद्यालय टेंगा वैली अरुणाचल प्रदेश में स्नातकोत्तर शिक्षक हैं | आपकी सैकड़ों कविताएँ देश-विदेश में प्रकाशित हो चुकी हैं |अंग्रेजी शिक्षक प्रो. आमोद कुमार राय ने वर्षों पुरानी यादों को साझा करते हुए कवि ‘सावन’ की कविता कृष्णार्जुन भावधारा की चर्चा की जोश्रीमद्भाग्वात्गीता का अनुवाद है जिसे आपने सम्पादित कर सर्वप्रथम ‘आलोक’ पत्रिका में प्रकाशित किया था| तात्कालिक भूगोल शिक्षक आलोक कुमार तिवारी ने कहा कि सुनील जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं जिन्होंने बी.ए. करते हुए ‘ स्वर्ग’ नामक एक किताब लिखी थी। कवि सुनील चौरसिया ‘सावन’ ने कहा कि अर्थशास्त्र शिक्षक पद से राज्य शिक्षा मंत्री जैसे गरिमामय पद पर सेवा प्रदान कर रहे हमारे सर डॉ. सतीशचन्द द्विवेदी जी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं |
प्रकांड विद्वान एवं मृदुभाषी शिक्षक स्मृतिशेष प्रो. राकेश मणि त्रिपाठी एवं प्रो. गणेश शुक्ला को याद कर आँखें नम हो गयीं | पूर्व छात्र सुनील चौरसिया ने अस्वस्थ चल रहे गुरु जी डा. राजेंद्र वर्मा को स्वस्थ होने की प्रार्थना की |
पुरातन छात्र सम्मेलन’ कार्यक्रम के कुशल मंच संचालक डा. अम्बिका प्रसाद तिवारी ने कवि ‘सावन’ को साहित्य जगत में अनवरत आगे बढ़ने के शुभकामनाएँ दी | मुख्य अतिथि पं. काशीनाथ मिश्र (वकील) ने छात्रावास के जीर्णोद्धार हेतु मदद करने का वादा किया | विनय राय, डा. विभ्राट चन्द कौशिक , डा.त्रिभुवन नाथ तिवारी ,कवि दिनेश तिवारी भोजपुरिया , कवयित्री भावना द्विवेदी , सुनील मिश्र आदि की उपस्थिति रही |