भगवन्त यादव कुशीनगर
कुशीनगर जिलाधिकारी एस आर लिंगम ने आज खडडा क्षेत्र के महादेवा गांव ट्रैक्टर से पहुंचकर ग्रामीणों की स्थिति देखकर उनकी मदद के लिए तत्काल उपजिलाधिकारी के खाते में धन ट्रांसफर कराने के निर्देश के साथ कम्युनिटी किचन राहत शिविर बनवाने, गैस सिलेंडर प्रत्येक परिवार को, 2 लीटर मिट्टी के तेल दिलवाने की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी को दिए।
गौरतलब है कि आज प्रातः बाल्मीकि नगर बैराज से पानी का डिस्चार्ज 404000 क्यूसेक छोड़े जाने से नारायणी नदी ने विकराल रूप धारण करने से खड्डा तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांव नारायणपुर शिवपुर बसंतपुर मरिचहवा हरिहरपुर सालिगपुर महदेवा नारायण नदी की बाढ़ के चपेट में आजाने, लोगों के घरों पानी लग जाने, से ग्रामीणों को भोजन सहित अन्य सुविधाये मुहैया कराने के उद्देश्य से नदी में बढ़ते डिस्चार्ज को संज्ञान लेकर डीएम एस राजलिंगम महादेवा गांव पहुंचे इसी दौरान एसडीएम खड्डा जब गांव से ट्रैक्टर लेकर आए तो ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी स्थिति को देख / राहत शिविर को न देखकर एसडीएम खड्डा को निर्देशित किया कि जितने पैसो की आवश्यकता हो हमें बताएं हम देंगे तभी एसडीएम ने तत्काल व्यवस्था के लिए ₹200000 की डिमांड के साथ 3000 परिवारों के लिए प्रत्येक परिवार 2 लीटर मिट्टी का तेल एनडीआरएफ टीम कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की मांग रखी जिस पर डीएम ने ₹200000 खाते में ट्रांसफर कराने का आदेश दे दिया साथ ही कहा कि पैसे का वाउचर अवश्य देंगे और जितनी आवश्यकता हो हमें बतलाइए हम देंगे डीएम को जानकारी देते हुए एसडीएम ने कहा कि मरिचहवा में 80 परिवार बसंतपुर में 30 परिवार हरिहरपुर में पचासी परिवार नारायणपुर में 80 परिवार शिवपुर में 80 परिवार महादेवा में तीन सौ पचासी परिवार सालिगपुर में 130 परिवार कुल 785 परिवार के 2695 व्यक्ति बाढ़ प्रभावित हैं सभी के घरों में डेढ़ फीट पानी लगा हुआ है केवल महादेवा में अभी तक 150 व्यक्ति बाढ़ शरण स्थल पर मौजूद हैं सभी जगह नाव की व्यवस्था कर दी गई है जिस पर डीएम ने टेंट व्यवस्था कम्युनिटी किचन आदि व्यवस्था तत्काल कराने का निर्देश दिया इस मौके पर एनडीआरएफ स्वास्थ्य विभाग ग्राम विकास राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे।
बाढ आने की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने महादेवा गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों के दर्द में अपने को शरीक करते हुए डीएम कुशीनगर से ग्रामीणों की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि 7 गांव के लिए ₹200000 में क्या होगा कम्युनिटी किचन नाव आदि व्यवस्था पर 500000 से ऊपर खर्च हो जाएंगे बाढ़ जाने के बाद लोगों को स्वास्थ्य की रक्षा प्रशासन की चुनौती होगी जिस पर डीएम ने कहा कि एसडीएम को जिम्मेदारी दी गई है, जितना डिमांड करेंगे मैं तत्काल व्यवस्था कर लूंगा मिट्टी के तेल की व्यवस्था पडरौना से कोटेदारों के माध्यम से कराई जा रही है किसी भी ग्रामीण को भूखे नहीं रहना पड़ेगा सारी व्यवस्था की मानिटरिंग हम स्वयं करेंगे।
