हमें इंसाफ चाहिए….. पीड़िता आरोही पाण्डेय

Share◆ चिकित्सक की लापरवाही से मासूम की हुई मौत का मामला। यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क कुशीनगर आये दिन हमेशा चर्चा मे रहने वाले किलकारी हास्पिटल के संचालक डा. कमलेश वर्मा...

◆ चिकित्सक की लापरवाही से मासूम की हुई मौत का मामला।

यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क

कुशीनगर आये दिन हमेशा चर्चा मे रहने वाले किलकारी हास्पिटल के संचालक डा. कमलेश वर्मा एक बार फिर चर्चा मे है। फर्क़ बस इतना है कि हर बार पडरौना स्थित हास्पिटल को लेकर चर्चा मे रहने वाले डा. कमलेश इस बार कसया स्थित उनके हास्पिटल मे चिकित्सक के लापरवाही से हुई नवजात की मौत को लेकर चर्चा है। मृतक मासूम की मां ने कसया थाने मे तहरीर देकर चिकित्सको के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
गौरतलब है कि नगरपालिका परिषद कुशीनगर की वार्ड संख्या -21 अम्बेडकर नगर निवासी आरोही पाण्डेय पत्नी दीपक दूबे अपने ग्यारह माह के मासूम शिवांस की तबीयत खराब होने पर 31 मार्च की रात कसया के गोपालगढ स्थित किलकारी चिल्ड्रेन हास्पिटल मे दिखाने गयी थी। आरोही की माने तो हास्पिटल पर मौजूद खुद को जूनियर डॉक्टर बताने वाले डा. शरीफ अंसारी ने बच्चे को देखा और बिना उनकी सहमति के 11 माह के शिवांस को भर्ती कर ड्रिप चढाना शुरू कर दिया। आरोही पाण्डेय का कहना है कि वह सीनियर डाक्टर से इलाज कराने की रट लगाती रही लेकिन जूनियर डॉक्टर उनकी एक नही सुनी। नतीजतन डाक्टर की लापरवाही से उनके जिगर के टुकड़े की मौत हो गयी।

 

चिकित्सक की लापरवाही के कारण जिगर के टुकड़े की मौत के बाद आरोही पाण्डेय ने कसया पुलिस को दिये गये अपने तहरीर मे कहा है कि उनके मना करने के बाद भी किलकारी चिल्ड्रेन हास्पिटल के जूनियर डाक्टर शरीफ अंसारी उनकी एक नही सुने। बच्चे की ब्लड जांच मे हीमोग्लोबिन 6.6 फीसदी आने पर जूनियर डाक्टर ने ब्लड चढाया। इसके बाद हीमोग्लोबिन बढकर 9.8 फीसदी हो गया। इसके बाद भी डाक्टर ब्लड चढाने की बात कहने लगे जब कि बच्चे की हालत ठीक होने के कारण वह अपने मासूम को डिस्चार्ज करने की बात दोहरा रही थी लेकिन चिकित्सक उनकी बात नही सुने और प्रेशर से ब्लड चढाने लगे। ब्लड चढने के वजह से बच्चे की तकलीफ बढने लगी और हार्ड बिट बढ गई।

आरोही ने तहरीर मे कहा है कि बच्चे की हालत बिगड़ने पर जूनियर डाक्टर शरीफ अंसारी ने पडरौना रहने वाले चिकित्सक व किलकारी चिल्ड्रेन हास्पिटल के मालिक डा. कमलेश वर्मा से वीडियो कालिंग कर बच्चे को दिखाते हुए स्थिति से अवगत कराया। बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए डा. कमलेश वर्मा ने डा. शरीफ अंसारी से कहा कि बच्चे की स्थिति ठीक नही है वह अब मर जायेगा जल्दी से बच्चे को रेफर कर सभी लोगो को वहा से हटा दो। आरोही ने तहरीर मे लिखा है कि यह साब बात वह और उनके पति दीपक दूबे सुन और देख रहे थे। इसके बाद डा. शरीफ ने चुपके से एम्बुलेंस बुलाकर आनन-फानन मे बच्चे को गोरखपुर रेफर कर दिया। इस दौरान बच्चा हिल-डूल नही रहा था ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उनका बच्चा मर चुका है। बच्चे के बारे मे पूछने पर चिकित्सक ने धमकाते हुए कहा कि जल्दी से भाग जाओ जहा मन करे वहा दिखाओ। इसके बाद वह अपने कलेजे के टुकडे को लेकर गोरखपुर नंदानगर स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल पहुची जहां चिकित्सक ने देखते ही बच्चे को मृत्यु घोषित कर दिया।

चिकित्सको के लापरवाही की भेट चढा ग्यारह माह के मासूम की मां का कहना है कि मेरे बच्चे की जान ली गयी है। डाक्टर शरीफ अंसारी व डा. कमलेश वर्मा मेरे बच्चे के हत्यारे है। मुझे इंसाफ चाहिए। इन दोनो लोगो के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाये ताकि इनके लापरवाही से फिर किसी मां की गोद सूनी न हो। उन्होंने कहा कि अपने बच्चे के हत्यारो को सजा दिलाने के लिए वह चुप नही बैठेगी वह मुख्यमंत्री योगी जी के चौखट पर सिर पटकेगी।

पीड़िता ने अपने तहरीर मे लिखा है कि कसया के गोपालगढ स्थित किलकारी हास्पिटल के संचालक डा. कमलेश वर्मा है जो पडरौना मे अपना हास्पिटल चलाते है। यह हास्पिटल उनके नाम से रजिस्टर्ड है लेकिन जूनियर डाक्टर और कम्पाउडर के भरोसे संचालित होता है जहां इनकी लापरवाही से आये दिन बच्चे जिन्दगी और मौत से जूझते है वही मरीजों के तीमारदारो का शोषण किया जाता है। इस संबंध मे पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Categories
तजा खबरें
No Comment

Leave a Reply

*

*

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  

RELATED BY