अतिसंवेदनशील माने जाने वाला मिश्रौली डोल मेला कड़े सुरक्षा के बीच और आपसी सौहार्द से सकुशल संपन्न

Shareयदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क कुशीनगर। जनपद के पडरौना कोतवाली क्षेत्र का अतिसंवेदनशील माने जाने वाला मिश्रौली डोल मेला शनिवार को कड़े सुरक्षा के बीच और आपसी सौहार्द से सकुशल...

यदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क कुशीनगर। जनपद के पडरौना कोतवाली क्षेत्र का अतिसंवेदनशील माने जाने वाला मिश्रौली डोल मेला शनिवार को कड़े सुरक्षा के बीच और आपसी सौहार्द से सकुशल संपन्न हो गया। मेला शुरू होने से लेकर डोल विसर्जन तक पुलिस और पीएसी के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैदी से डटे रहे। प्रशासन की निगाह हर गतिविधि पर रही और अधिकारियों की लगातार मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती दी।
भगवान श्रीकृष्ण व माँ काली की आकर्षक झांकियों और डोल के साथ उमड़े श्रद्धालुओं के बीच भक्ति, उल्लास और आस्था का रंग साफ दिखाई दिया

दो दिन पहले से सुरक्षा की तैयारी में जुटी प्रशासन

मिश्रौली डोल मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने दो दिन पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल ली थी। शनिवार को दोपहर होते-होते अधिकारी पर्याप्त पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र में पहुंच गए। डोल जिन रास्तों से होकर गुजरना था, उन सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गांवों और बाजार के संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। मंगलपुर पटेरहा,सनेरामल छपरा, बरकंटी, पकड़ियार, सोहरौना, विश्रामपट्टी, आधार छपरा बाजार टोला, आधार छपरा खास, शिवाला टोला, दल बहादुर छपरा, कोइरी टोला, सिसवलिया, सहुआडीह, चंदरपुर समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों से डोल मिश्रौली पहुंचा। डोल यात्रा के दौरान भक्ति गीतों पर युवा झूमते नजर आए। वहीं कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।

प्रशासनिक अधिकारी और पुलीस तथा पी ए सी जवानों ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान

सुरक्षा व्यवस्था की कमान सदर उपजिलाधिकारी विवेक मिश्रा, क्षेत्राधिकारी आरपी सिंह, तथा पडरौना कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी ने संभाली। इनके अलावा करीब एक दर्जन इंस्पेक्टर, एक दर्जन दरोगा, करीब 350 पुलिसकर्मी व 75 महिला पुलिसकर्मी, टीएसआई, 10 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, डेढ कंपनी पीएसी, फायर सर्विस के जवान तथा एंबुलेंस को तैनात किया गया था।अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के साथ डोल मार्गों और आसपास के संवेदनशील स्थानों का लगातार जायजा लिया। भीड़ को नियंत्रित करने से लेकर यातायात व्यवस्था तक पर पुलिस की पैनी नजर रही।
मेले को लेकर प्रशासन रही सतर्क


अतिसंवेदनशील माने जाने वाले विश्रामपट्टी गांव से डोल निकलने को लेकर प्रशासन विशेष रूप से सतर्क रहा। बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में मौजूद रहे। सदर उपजिलाधिकारी विवेक मिश्रा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद डोल को रवाना कराया। गाजे-बाजे के साथ डोल मिश्रौली बाजार पहुंचा और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।
सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माने जाने वाले मिश्रौली डोल मेले को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। यही वजह रही कि मेला शुरू होने से पहले ही पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा मजबूत घेरा तैयार किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति की गुंजाइश न रहे। मेला समाप्त होने तक अधिकारी मौके पर डटे रहे। आसपास के गांवों के सामाजिक और प्रबुद्ध लोगों के साथ लगातार संवाद कायम रखा गया। प्रशासन ने पूर्व में ही विभिन्न गांवों में बैठकें कर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की थी।
आखिरकार प्रशासन की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और ग्रामीणों की समझदारी के चलते मिश्रौली का अतिसंवेदनशील डोल मेला बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। मेला समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन और पुलिस के साथ सामाजिक लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही
मिश्रौली डोल मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन और पुलिस के साथ सामाजिक लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। लोगों के बीच संवाद कायम रखने और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने में सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार शम्भू मिश्रा, पिन्टू मिश्रा, राधेश्याम दीक्षित, महेन्द्र दीक्षित सहित स्थानीय अन्य लोगों का सहयोग सराहनीय रहा।

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