सामाजिक संगठन यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से बैठक सम्पन्न

Share◆ देश में जाति जनगणना में ओबीसी कालम और आरक्षण सम्बिधान के तहत दर्ज किया जाय…. डा0 अरुणेश यादव सामाजिक संगठन यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से नोएडा में...

◆ देश में जाति जनगणना में ओबीसी कालम और आरक्षण सम्बिधान के तहत दर्ज किया जाय…. डा0 अरुणेश यादव

कुशीनगर/नोएडा संवाददाता 

सामाजिक संगठन यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से नोएडा में जातीय जनगणना और आरक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के विभिन्न सामाजिक एवं जातीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और इस मुद्दे पर अपने विचार रखे।

बैठक में डॉ. अरुणेश यादव ने जातीय जनगणना में ओबीसी से जुड़े प्रावधानों को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जातीय जनगणना में ओबीसी का कॉलम नहीं दिया गया है और कहा कि यदि ईमानदारी से जातीय जनगणना कराई जाती है तो ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देनी पड़ेगी।

नोएडा में जातीय जनगणना और आरक्षण पर बैठक
नोएडा में जातीय जनगणना बैठक के दौरान वक्ताओं ने जातीय जनगणना और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक का आयोजन सामाजिक संगठन यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से किया गया था।

जातीय जनगणना बैठक में नोएडा के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं जातीय संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने जातीय जनगणना और आरक्षण में चल रही अनियमितताओं को लेकर अपने विचार साझा किए।

जातीय जनगणना बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि जातीय जनगणना से जुड़े आंकड़ों और विभिन्न सामाजिक वर्गों की हिस्सेदारी को लेकर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है। हालांकि, बैठक में मौजूद वक्ताओं ने इस विषय को अपने-अपने विचारों और दावों के आधार पर उठाया।

डॉ. अरुणेश यादव ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप
बैठक में डॉ. अरुणेश यादव ने बीजेपी सरकार की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा बीजेपी सरकार ने जातीय जनगणना में ओबीसी का कॉलम नहीं दिया है।

जातीय जनगणना बैठक में डॉ. अरुणेश यादव ने आरोप लगाया कि इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है और बीजेपी सरकार पिछड़ों के विरोध में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी से जातीय जनगणना कराई जाएगी तो ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देनी पड़ेगी।

उनके अनुसार, ओबीसी समाज की आबादी 65 प्रतिशत है और जातीय जनगणना के जरिए आबादी से जुड़े आंकड़े सामने आने पर प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी के सवाल पर नए सिरे से चर्चा हो सकती है
बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, नेताओं और संगठनों से जुड़े लोगों ने भी अपने विचार रखे। इनमें फोनरवा के कोषाध्यक्ष पवन यादव, व्यवसायी एवं समाजसेवी इंदर सिंह, रविंद्र सिंह, सुधाकर यादव, डॉ. संजय यादव, समाजसेवी एवं शिक्षक नेता डॉ. कुलदीप मलिक, ओबीसी कांग्रेस नेता विजयपाल चौधरी और बलराज चावड़ा शामिल रहे।इस बैठक में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान जातीय जनगणना और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ सामाजिक स्तर पर आगे की दिशा को लेकर भी विचार साझा किए गए।

इसके अलावा यदुवंशी कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुमति यादव, सुरेश यादव, अरविंद यादव, सुशील यादव, पत्रकार विक्रांत यादव, महेंद्र यादव, रविंद्र सिंह, सौरभ यादव, नितिन यादव, ओम देव सिंह, सुरेंद्र सिंह, अजय चौधरी, सीबी यादव और राजेश यादव सहित अन्य लोगों ने भी बैठक में अपने विचार रखे।

Categories
Uncategorized
No Comment

Leave a Reply

*

*

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

RELATED BY