कुशीनगर रविवार को जनपद के कप्तानगंज में कनोडिया इंटर कॉलेज के मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा सम्बोधित करने दौरान बबुआ बुआ के साथ -साथ कांग्रेस पर जमकर हमला बोला लोकसभा चुनाव 2019 में अंतिम यानी सातवें चरण के मतदान से पहले पीएम मोदी उत्तर प्रदेश में हर लोकसभा क्षेत्र को मथने में लगे हैं।
गौरतलब है कि भाजपा के विजय संकल्प रैली में चुनावी सभा के सम्बोधन के दौरान विपक्ष पर जमकर हमला बोल। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि दिल्ली में एक बार फिर मोदी सरकार होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि हमने अपने रिश्तेदारों का घर नहीं बनवाया। हमने तो गरीबों का घर बनावाया। उन्होंने कहा कि जब इन लोगों की सरकार थी तो गरीबों के लिए बैंकों के दरवाजे बंद थे, लेकिन जब मैं सत्ता में आया तो हमने 34 करोड़ बैंक के खाते खुलवाए। बीते पांच वर्ष में आपके इस सेवक ने इस कार्य संस्कृति को बदल दिया है। इन लोगों के दांव पेंच नाकाम हो रहे हैं और यह लोग मुझे पानी पी-पीकर के कोस रहे हैं। दुनियाभर की डिक्शनरी से खोजकर लाते हैं और प्रेम का नकाब पहनाकर मुझे गालियां देते हैं।

पी एम मोदी ने गरीब और दलित को अपने पल्ले में लुभाने का किया काम
उन्होंने कहा कि जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुआ है वह गरीबी को क्या जाने ? गरीबी हम पले बढ़े है गरीबी को हम जानते है।आज गरीबो के नाम पर राजनीति करते हैं और खुद राजा महाराजा समझते है।वह क्या जनसेवा करेगे । जनसेवा तो यह आप का चौकीदार करेगा।राजस्थान के दलित महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वहां की सरकार बहन जी की मदद से चल रही है। अगर वह दलितों की सच्ची हितैषी हैं तो राजस्थान गवर्नर को पत्र भेज अपना समर्थन वापस ले।
इस दौरान उन्होंने ने कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी दल औंधे मुंह गिरेंगे। मायावती अलवर सामूहिक बलात्कार के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहा रही हैं, बसपा राजस्थान में कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं लेती। यहां तक कि राजस्थान में सत्ता में बैठी कांग्रेस ने भी अलवर सामूहिक बलात्कार मामले को दबाने की कोशिश की, क्योंकि पार्टी सोचती है कि ‘हुआ तो हुआ’।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश मजबूत, निर्णायक और ईमानदार सरकार के लिए वोट दे रहा है। आतंक के खिलाफ जो सीधी लड़ाई हम लड़ रहे हैं, उसके लिए देश वोट दे रहा है। भारत को दहलाने वाले आज डर-डर कर जीने को मजबूर हैं, इसलिए देश हमें वोट दे रहा है। आज दुनिया में जो भारत की गूंज सुनाई दे रही है, देश उसके लिए भारतीय जनता पार्टी को और मोदी को वोट दे रहा है। देश मजबूत होना चाहिए, पीएम घुस कर मारने वाला होना चाहिए। देश मजबूत चाहिए तो बूथ मजबूत करना होगा। देश को गरीबी से मुक्त करने के लिए वोट करें। इसी कारण आप लोगों से कह रहा हूं कि दिल्ली में मोदी सरकार होनी चाहिए।
भूल गये वादा
2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान कुशीनगर के रबिन्द्र नगर में चुनावी जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे ।उस दौरान उन्होंने कहा कि अगर मेरी सरकार बनी तो सौ दिन के अन्दर पडरौना चिनी मिल को चला देगें।लेकिन पांच साल बीत गए मील नहीं चला ।और 2019 चुनाव प्रचार के दौरान पडरौना चिनी मिल का नाम लेना ही भूल गए।जिसको लेकर आम जनता में तरह- तरह की चर्चाएं हो रही है।
प्रधानमंत्री के स्वागत भाषण में बोले सी एम योगी।
विजय संकल्प रैली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप लोगों को पता होगा कि बहन मायावती ने इस क्षेत्र 21 चीनी मिलों को बेचने काम किया था। लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री की अनुकम्पा से यहां फिर से चीनी मिलों को शुरू करने का काम किया जा रहा है ।इस इलाके में देश के सबसे गरीब लोग रह रहे है।जिन्हें आजादी के बाद से कभी भी शासन की किसी सुबिधा का लाभ नहीं मिला।लेकिन आज पी एम के अनुकम्पा से सभी को शासन की सभी सुबिधा मिल रही है।

पी एम मोदी के कार्यक्रम से पूर्व की गई मीडया मैनेज करने का खेल
जनपद के कप्तानगंज मे आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनावी जनसभा के एक दिन पूर्व दल बदलकर आये भाजपा प्रत्याशी विजय दूबे और उनके कारिंदे द्वारा मीडया मैनेज का खेल खेला गया । इसके लिए बाकयदा प्रत्याशी के खासमखास बने जिले के पदाधिकारी मारकण्डेय शाही ने छोटे- बडे सभी अखबारनबीशो से लगायत इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के लोगों को नगर के एक होटल मे आमंत्रित किया था। बताया जाता है कि मीडियाकर्मियो को आमंत्रण के पीछे प्रदेश प्रवक्ता का प्रेसवार्ता व मोदी के कार्यक्रम को बेहतर कबरेज करना था इसके एवज मे अखबार और चैनलो को उनके औकात के हिसाब से विज्ञापन व बक्शीश देकर मैनेज करना था। कहना न होगा कि श्री शाही व अन्य जिम्मेदार कार्यकताओं के निमंत्रण पर नगर के स्काईलार्क होटल मे आयोजित प्रेसवार्ता मे पहुचे मीडियाकर्मियो ने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ओपी मिश्रा का प्रेसवार्ता कबरेज करने के बाद विज्ञापन की आस लगाये बैठे रहे किन्तु कुछ गिने-चुने अखबारों को विज्ञापन देकर बाकी मीडिया के लोगों से मारकण्डेय शाही व अन्य जिम्मेदार कन्नी काटने लगे। नतीजतन तमाम मीडियाकर्मी प्रत्याशी से लगायत आयोजक और पार्टी को खरी-खुटी सुनाकर चलते बने।
