भगवन्त यादव संबाददाता
कुशीनगर शूक्रवार को रामकोला बिकास खण्ड के गांव सिधावे के टोला भडकुडवा मे शतचंडी महायज्ञ के अवसर पर प्रवचन के दौरान महराज उपेंद्र दास जी ने कहा कि राजा दक्ष यज्ञ किए थे तो भगवान शिव और मां सती को निमंत्रण नहीं दिए अपने अभिमान अहंकार को लेकर यज्ञ किए तो सफलता नहीं मिली क्योंकि किसी को अपमानित करने के लिए यज्ञ किया जाएगा तो वह सफल नहीं हो सकता किसी भी पूजा में श्रद्धा और विश्वास की आवश्यकता होती है तथा भगवान शिव ही विश्वास रूप हैं और मां जगदंबा ही श्रद्धा रूप है इस लिए जीवन में श्रद्धा और विश्वास के साथ ही पूजा पाठ किया जाए जिससे मां जगदंबा और महादेव की कृपा हो सके उसी से पूजा सफल होती है और भक्तों का कल्याण होता है। यग से परिवार समाज और देश में शांति व्यवस्था स्थापित होती है तथा वातावरण शुद्ध होता है क्षितिज जल पावक गगन समीरा पंचतत्व मिली रचि शरीरा यह चरितार्थ है यज्ञ आयोजक कर्ता हरीश चंद्र मिश्रा पवन सिंह कौशल राय अनुज राय संतोष संतोष सिंह भाजपा नेता कमलेश महंत ठाकुर दास जी महाराज अन्य कमेटी के सदस्य मौजूद रहे जग में दोनों समय सह भोज और प्रसाद वितरण किया जा रहा है
