नीमा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं भगवान धन्वंतरि जयंती समारोह संपन्न

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कुशीनगर जनपद मुख्यालय के समीप एक निजी विद्यालय के प्रांगण में आज धनतेरस के अवसर पर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ( नीमा ) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस एवं भगवान धनवंतरी जयंती का कार्यक्रम समारोह का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि डॉ0 अनिल कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।और भगवान धनवंतरी के जीवन पर प्रकाश डाला। बतौर मुख्य अतिथि श्री सिंह ने कहा कि सागर मंथन के समय भगवान धनवंतरी इस दिन अमृत कलश लेकर अवतरित हुए थे। तभी से इस दिन बर्तन खरीदने की प्रथा प्रचलित है। यह भी माना जाता है कि धनतेरस पर चल या अचल संपत्ति खरीदने से धन में तेरह गुणा वृद्धि होती है। इससे घर में अरोग्य, सौभाग्य और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है।कार्यक्रम का संचालन युवा कवि व शिक्षक अनूप कुमार मिश्र ने किया। इस दौरान अतिथियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

भगवान धन्वंतरि देवताओं के चिकित्सक है

भगवान धन्वन्तरि देवताओं के चिकित्सक हैं और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं इसलिए चिकित्सकों के लिए धनतेरस का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। धनतेरस के सन्दर्भ में एक लोक कथा प्रचलित है कि एक बार यमराज ने यमदूतों से पूछा कि प्राणियों को मृत्यु की गोद में सुलाते समय तुम्हारे मन में कभी दया का भाव नहीं आता क्या। दूतों ने यमदेवता के भय से पहले तो कहा कि वह अपना कर्तव्य निभाते है और उनकी आज्ञा का पालन करते हें परन्तु जब यमदेवता ने दूतों के मन का भय दूर कर दिया तो उन्होंने कहा कि एक बार राजा हेमा के ब्रह्मचारी पुत्र का प्राण लेते समय उसकी नवविवाहिता पत्नी का विलाप सुनकर हमारा हृदय भी पसीज गया लेकिन विधि के विधान के अनुसार हम चाह कर भी कुछ न कर सके। एक दूत ने बातों ही बातों में तब यमराज से प्रश्न किया कि अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय है क्या। इस प्रश्न का उत्तर देते हुए यम देवता ने कहा कि जो प्राणी धनतेरस की शाम यम के नाम पर दक्षिण दिशा में दीया जलाकर रखता है उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है। इस मान्यता के अनुसार धनतेरस की शाम लोग आँगन में यम देवता के नाम पर दीप जलाकर रखते हैं। इस दिन लोग यम देवता के नाम पर व्रत भी रखते हैं।
धनतेरस के दिन दीप जलाकर भगवान धन्वन्तरि की पूजा करें। भगवान धन्वन्तरि से स्वास्थ और सेहतमंद बनाये रखने हेतु प्रार्थना करें। चांदी का कोई बर्तन या लक्ष्मी गणेश अंकित चांदी का सिक्का खरीदें। नया बर्तन खरीदें जिसमें दीपावली की रात भगवान श्री गणेश व देवी लक्ष्मी के लिए भोग चढ़ाएं। कहा जाता है कि समुद्र मन्थन के दौरान भगवान धन्वन्तरि और मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था, यही वजह है कि धनतेरस को भगवान धनवंतरी और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है । धनतेरस दिवाली के दो दिन पहले मनाया जाता है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी विंध्यवासिनी राय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुदर्शन सोनकर, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ सुरेंद्र राय, प्रांतीय कोषाध्यक डॉ जेपी नारायण, संरक्षक डॉ राजेंद्र तिवारी,डॉक्टर एम डी राय, अध्यक्ष डॉ पी एल गुप्ता, सचिव डॉ विनोद गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ एस के गुप्ता, कोषाध्यक्ष डॉक्टर अमित राय, डॉ पुष्कर यादव , डॉ एस के गुप्ता, डॉ रवि रंजन श्रीवास्तव, डॉक्टर जेपी गुप्ता, डॉक्टर सीवी तिवारी, डॉक्टर इब्ने अली,डॉक्टर अनिल शर्मा ,दीपक गुप्ता डॉक्टर वीके सिंह, डॉक्टर पूनम गुप्ता, डॉक्टर शीला गुप्ता, डॉ सीमा गुप्ता,डॉ नागेंद्र तिवारी ,डा.एसके दुबे , डा. इब्ने अली के अलावे पडरौना के गणमान्य लोग जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेंद्र उर्फ मुन्ना यादव, चेयरमैन विनय जायसवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता मारकन्डेय शाही, दीप नारायण अग्रवाल, प्रदीप गोयल,अलका पंम्मपालिया के अलावे तमाम डॉक्टर और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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