★पूर्वांचल की धरती कुशीनगर मे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा स्थापित कर गुरु शिष्य प्रेरणा के रूप में पूजन करते भक्तगण।
★कलयुग मे भी बीर एकलव्य जैसा भक्त है फरसहवा बाबा
भगवन्त यादव ( संवाददाता )
कुशीनगर जनपद के तहसील हाटा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मठिया उर्फ अकटहा छोटी गंडक नदी के किनारे रगडगंज घाट स्थित प्राचीनभगवान राम जानकी मंदिर जिसमें अष्टधातु की राम जानकी लक्ष्मण की मूर्ति स्थापित है विगत कुछ बर्ष पहले पूर्वांचल और देश के हिंदू धर्मावलंबियों के पूजनीय गोरख पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा स्थापना 1980 में महंत विश्वनाथ दास त्यागी उर्फ फरसावा बाबा द्वारा स्थापित कर पूजा अर्चना करते आ रहे हैं बताते चलें कि इस प्रतिमा का अनावरण खुद योगीजी सूबे के मुख्यमंत्री जब गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे 1980 में बिश्वनाथ दास त्यागी के आग्रह पर अकटहा गांव पहुंचकर अपने मूर्ति का खुद अनावरण किए हैंइतिहास गवाह है जैसे। गूरु। द्रोणाचार्य की मिट्टी की मूर्ति बनाकर बीर एकलव्य।

अपने श्रद्धा पूजा के बल पर प्रमुख धनुष धारी बनने का इतिहास बनाया उसी प्रकार शिष्य और गुरु के प्रति श्रद्धा और भाव को लेकर हिन्दूवादी संत योगीजी का प्रतीमा बिश्वनाथ दास ने स्थापित कर पूजते है जब संवाददाता से फरसहवा बाबा ने बताया कि मैं अपने गुरु को प्रति दिन सुबह शाम की पूजा आरती नहीं देखू तो हृदय बेचैन हो जाता है इस लिए मै गूरूजी के आदेशानुसार उनके प्रतिमा को स्थापित किया और आदित्यनाथ जी को मुख्यमंत्री बनना देखना चाहता था मेरा मन्नत पूर्ण हुई जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो मैं मंदिर में भोजन प्रसाद और कीर्तन भजन 24 घंटा कराया क्षेत्र के ग्रामीणों श्रद्धालुओं द्वारा भजन कीर्तन और प्रसाद ग्रहण कराया जाता है अति निकट जिज्ञासु भक्त विश्वनाथ दास त्यागी के अंदर यह भावना क्यों आई उन्होंने बताया कि प्रदेश और देश में हिंदू धर्मावलंबियों हुआ इंसानियत का पैगाम देने का काम योगी आदित्यनाथ में है उन्होंने गुरु मानते हुए और प्रतिदिन सुबह और शाम की आरती पूजा में गुरु का दर्शन करने के लिए प्रतिमा का स्थापना अपने मंदिर में कराए उन्होंने बताया कि मेरा ईश्वर से प्रार्थना था कि योगी जी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हो उत्तर प्रदेश व देश विदेश मे हिन्दुओं की बात करने वाले कोई और नहीं है आगे बताया कि मै बहुत खुशी महसूस कर रहा हूं
