◆ जनप्रतिनिधियो व डीएम ने पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री का किया स्वागत।
◆ मुख्यमंत्री ने किया कोविड कमांड सेंटर आईसी सी सी का निरीक्षण।
◆ जनप्रतिनिधियो सहित जनपद के आला अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक।
कुशीनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनपद कुशीनगर के पुलिस लाइन में स्थित हैलीपेड पर 1 बजकर 45 मिनट पर उतरे।जहां जिले के जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम व वरिष्ठ उच्चाधिकारियों समेत कृषि मंत्री, सांसद , समस्त विधायक गण व अन्य जनप्रतिनिधियो द्वारा स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने सबका कुशलक्षेम पूछते हुए कार्यक्रम की जानकारी ली फिर सीधे विकास भवन स्थित इंटीग्रेटेड कोविड कमांड कन्ट्रोल रूम पहुँचे वहाँ उन्होने आई0सी0सी0सी0 की गातिविधियों तथा कार्यक्रमों की जानकारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से लिया। पूछताछ के क्रम में उन्होने पूछा कि कितने टेलीफोन लाइन लगे है कमांड सेन्टर में, एल-2 अस्पताल के बारे में भी जानकारी ली तथा सभी जगह सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगे होने की भी पूछताछ की। इस क्रम में उन्होने सी0सी0टी0वी0 कैमरे के माध्यम से गतिविधियों को ऑन स्क्रीन भी देखा। इसके बाद पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होने कहा कि आई0सी0सी0सी0 कोविड के खिलाफ अभियान का बैकबोन है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश के हरेक जनपद मे कोरोना की पहली लहर के दौरान ही इस प्रकार के केन्द्र की स्थापना कर दी गई थी। इस केन्द्र को उच्चाधिकारियों द्वारा संचालित किया जाता है। यहाँ से अस्पताल, बेड, निगरानी समिति, होम आइसोलेशन, मेडिसीन किट, डॉक्टर से परामर्श सभी गतिविधियाँ नियंत्रित होती है। उन्होने कहा हर जनपद में प्रतिदिन कोविड से सम्बन्धित नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। ब्लैक फंगस के सन्दर्भ में मुख्यमंत्री जी का कहना था कि इसके उपचार के लिए अलग वार्ड बनाया जा रहा है पोस्ट कोविड वार्ड जहाँ ब्लैक फंगस की सम्भावना है वहाँ अलग से वार्ड बनाया जा रहा है।

गौरतलब है कि इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेन्टर से वे फिर ग्राम भ्रमण को निकलें। पडरौना ब्लॉक के ग्रामपंचायत सुसवलिया पहुँचकर कोविड पीड़ित के घर गए एवं उनसे पूछताछ की उनका कुशलक्षेम पूछा तथा ऑक्सीजन जाँच के बारे में पूछा। इसके बाद वे ग्राम प्रधान तथा आशा कार्यकत्री से मिले। महिला ग्राम प्रधान से बातचीत के क्रम में उन्होने पूछा ग्राम में निगरानी समिति कार्य करती है। कितने लोग है तथा क्या कार्य करती है फिर उन्होने आशा से बात किया पूछा क्या करती है, दवा भी देती है, किसकों दवा देती है। आशा ने बताया कि जिसको सर्दी बुखार होता है उसे दवा दी जाती है । मुख्यमंत्री ने पूछा कि चिन्हित लोगों की सूची किसे सौंपती है, जाँच की टीम आती है कि नही, अभी तक कितने लोगों को दवा दिया है, यहाँ कितने कोरोना पीड़ित है उनका इलाज चल रहा है कि नही, डॉक्टर बराबर विजीट करते है कि नही। ग्राम प्रधान को निर्देश देते हुए उन्होने कहा कि गाँव में सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई आपकी जिम्मेदारी है बरसात में दिमागी बुखार की समस्या आ सकती है। उसकी भी दवा हम भेज रहे है। जाँच करवाईएगा उन्होने कहा कि बहुत अच्छा काम कर रहे है आप लोग सरकार आप की मदद करेगी।
इसके बाद माननीय मुख्यमंत्री जी की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जहाँ उन्होने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा कोरोना बचाव हेतु उठाए जा रहे कदमों की विस्तृत प्रस्तुतिकरण पेश की गई। जिसके तहत उन्होने बिन्दुवार रिपोर्ट दी। जनपद में कोरोना का रिकवरी रेट 95.42 प्रतिशत तक पहुँच गया है। कुछ विकास खण्ड कोरोना से ज्यादा प्रभावित है जैसे कुबेरस्थान, पडरौना, रामकोला, तमकुहीराज इत्यादि। जिलाधिकारी ने सैम्पल कलेक्शन का विवरण, ग्राम निगरानी समिति, मुहल्ला निगरानी समिति के कार्य, नियमित समीक्षा बैठक, होम आइसोलेशन के मरीजों से फीडबैक, डॉक्टर के द्वारा सलाह, विभिन्न विभागों के समन्वय के द्वारा कार्य इत्यादि की जानकारी दी इसके साथ- साथ एल-2 अस्पताल में बेड की स्थिति एवं आवश्यक उपकरणों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रदान की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जनपद के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत की तथा इस सन्दर्भ में उनसे एक सी0एच0सी0/पी0एस0सी0 गोद लेने की अपील की।
इस अवसर पर कृषि मंत्री के साथ जनपद के सांसद एवं समस्त विधायक तथा वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

पत्रकारों से की प्रेस वार्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुशीनगर के कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारो से प्रेस वार्ता की। उस दौरान उन्होंने ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कुशीनगर कोरोनावायरस एवं इंसेफ्लाइटिस की दृष्टि से एक संवेदनशील जनपद की श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मौसम एवं असमय बारिश की वजह से और भी सतर्क रहने की आवश्यकता है । कोरोना महामारी के खिलाफ पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतर्गत अभियान चल रहा है। हमें जीवन को बचाना है और जीविका को भी इसी रणनीति के साथ कार्य करना होगा ।
उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है यह प्रदेश प्रभावी भूमिका के साथ कार्य कर रहा है जिसका अपेक्षित परिणाम भी आ रहा है । हमने टेस्ट ट्रैक व ट्रीट के मंत्र को जमीनी हकीकत पर लाया। परिणाम यह है कि आज यहाँ रिकवरी रेट 95% तक पहुंच चुका है। पॉजिटिविटी दर 3% हो गई है। यहां 4 करोड़ 70 लाख से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। 24 घंटे में 357000 से अधिक टेस्ट हुए हैं जो कि सर्वाधिक है। कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जांच आवश्यक है। इस दिशा में निगरानी समिति गांव गांव में अच्छा कार्य कर रही है। जहां जो मिला वही उपचार की व्यवस्था की जा रही है। मेडिसिन किट का वितरण किया जा रहा है। इन प्रयासों का परिणाम यह है कि जिस प्रदेश के बारे में विशेषज्ञ कहते थे यहां कोरोनाअनियंत्रित हो जाएगा, वहां 24 घंटे के अंदर मात्र 3300 मामले आये हैं। सक्रिय मामले 6200 बचे हैं। हमारी कोरोना प्रबंधन की नीति सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। कोरोना के बाद कि कॉम्प्लिकेशन हेतु पोस्ट कोविड वार्ड हर जनपद में स्थापित किये जा रहे हैं। हर उस जनपद में ब्लैक फंगस के उपचार की व्यवस्था की जा रही है जहाँ ब्लैक फंगस के मामले आये हैं। अभी तक 500 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीजो के उपचार की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से निपटने की तैयारी अभी से ही की जा रही है । उन्होने कहा कि महिला और बच्चे के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था, उपचार हेतु अलग से अस्पताल तथा पीकू एवं मिनी पीकू वार्ड की स्थापना की जा रही है। स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रकार की कार्यवाही आगें इंसेफेलाइटिस, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया आदि को भी रोकने में मदद करेंगी। उन्होने कम्यूनिटी किचन, जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत खाद्यान्न की व्यवस्था की बात की। सभी जनप्रतिनिधियों से कम से कम एक सी0एच0सी0/पी0एस0सी0 गोद लेने की अपील की। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जून से सभी 75 जनपदों में 18 वर्ष से उपर वालों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। इस सन्दर्भ में उन्होने यह भी कहा कि स्पेशल बूथ भी बनाए गए है जहॉ 12 वर्ष से उपर के छोटे बच्चों का टीकाकरण तीसरी लहर की आशंका को देखतें हुए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा। मीडिया कर्मी तथा न्यायिक अधिकारियों का अलग से बूथ बनेगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने मीडिया बन्धुओ से अपील करते हुए कहा कि आप जागरूक नागरिक हैं । अभियान का हिस्सा बने। लोगों के अन्दर सकारात्क उर्जा का संचार करने मे योगदान दे। यह ध्यान दे कि लोग जॉच से नही भागे। स्वास्थ्य टीम के निर्देशों का पालन करे। मुख्यमंत्री जी ने हाई रिस्क कैटेगरी के लोगों को बाहर न निकलने की सलाह दी। 60 वर्ष से उपर के बुजुर्ग, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाए, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले तथा एक से अधिक बीमारी से ग्रस्ति व्यक्तियों को सतकर्ता बरतने की सलाह दी। अन्त में उन्होने मास्क एवं कोरोना बचाव के लिए जागरूक करने को व्यापक प्रचार-प्रसार करने की बात की तथा कहा कि देश जीतेगा कोरोना हारेगा।
