* दारा यादव बोले ओबीसी का डाटा उपलब्ध न होने के कारण ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात हो रहा है।
भगवन्त यादव संवाददाता
कुशीनगर ओबीसी जातिगत जनगणना कराने के संबंध में विधि प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष कुशीनगर एडवोकेट दारा यादव के नेतृत्व में यदुवंशी समाज के लोगों ने जिला अधिकारी कुशीनगर को भारत के प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा और जाति आधारित जनगणना अनिवार्य रूप से कराए जाने की अपील किया।
ज्ञापन के अनुसार संसद के मानसून सत्र में सरकार द्वारा बताया गया कि जनगणना जाति आधारित नहीं होगी इस सूचना से सभी ओबीसी के लोग आहत और चिंतित हैं। इस सूचना से ओबीसी वर्ग में काफी निराशा है। जब तक अन्य पिछड़ी वर्ग की वास्तविक संख्या पता नहीं चलेगी तब तक उनके हित संरक्षण की योजनाएं कैसे बनेगी। पूर्व में भी विभिन्न न्यायिक निर्णयों में ओबीसी का डाटा उपलब्ध न होने के कारण ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात हो चुका है। आज देश का पिछड़ी वर्ग इसका समर्थन करता है, क्योंकि इससे अन्य कमजोर वर्गों की संख्या की सही जानकारी होगी और उनके विकास के कार्यक्रम बनाने में सरकार को संवैधानिक बल व सहायता मिलेगी। ओबीसी के सभी लोगों ने भारत के प्रधानमंत्री से अपील किया कि 2021 की जनगणना में जाति आधारित जनगणना अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
इस दौरान राम लखन यादव, संदीप पाल यादव, धनेश, पंकज कुमार, सन्नी, राहुल कुमार यादव, मुकेश यादव, मंजेश यादव, अजय, रामाज्ञा, रामू यादव, कार्तिक यादव, अनुराग यादव, रामलक्षन यादव सहित तमाम यदुवंशी समाज के लोग उपस्थित रहे।