यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कुशीनगर वारंट रिकाल होने के बावजूद पुलिस द्वारा मोटी रकम के लिए प्रताड़ित किये जाने से एक दलित व्यक्ति की ह्दयगति रुक जाने के कारण मौत हो गयी है। मृतक के पुत्र ने हल्का सिपाही पवन कुशवाहा व एक अज्ञात सिपाही की प्रताड़ना के वजह से पिता की मृत्यु का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उक्त मामला जनपद के पड़रौना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बेतिया का है।
जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली पड़रौना क्षेत्र के बेतिया निवासी पारस व मृतक मैनेजर के बीच मे काफी दिनो से भूमि विवाद चल रहा था जिसमें मैनेजर के खिलाफ न्यायालय द्वारा वारंट जारी किया गया था। बताया जाता है कि वारंट जारी होने के बाद मैनेजर प्रसाद न्यायालय से अपना वारंट रिकाल करा लिया था। इसके बावजूद बबुईयां हरपुर पुलिस चौकी के दो पुलिसकर्मी पवन कुशवाहा व एक अन्य मैनेजर के दरवाज़े पर पहुंचकर वारंट की दुहाई देकर मैनेजर प्रसाद को धमकाने लगे। मैनेजर के पुत्र सतेन्द्र का कहना है कि पिता द्वारा रिकाल पेपर दिखाने के बाद भी उक्त पुलिसकर्मी न्यायालय के रिकाल आदेश को फर्जी करार देते हुए बीस हजार रुपये की मांग करके मामले को रफा दफा कराने के लिए दबाव बनाने लगे। सतेन्द्र ने आरोप लगाया है कि सिपाही पवन कुशवाहा द्वारा यह धमकी दिया गया कि अगर बीस रुपये नही दिये तो पूरे परिवार को जेल भेज दूंगा और जमानत भी नही होगा।इसके बाद मैनेजर प्रसाद घर आने के लिए वाईक पर बैठने जा रहा थे कि एकाएक उनके सीने में दर्द हुआ और वही जमीन पर गिर गये जहा उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि देर रात मृतक के घर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए लेकर आयी। मृतक के एकलौते पुत्र सतेंद्र ने पड़रौना कोतवाल को तहरीर दे कर कार्यवाही की मांग की है। चौकी प्रभारी रामचंद्र यादव ने बताया की उसका वारंट था पुलिस चाही होती तो गिरफ़्तार कर जेल भेज देती किंतु नहीं भेजी। जब उनसे पूछा गया कि उसको जेल नहीं भेजने के नाम पर पैसा मांगा गया तो वह भड़क गये और कहने लगे की आप जो कहेगे वही सही होगा वहां किसी ने पैसा नहीं मांगा है, जबकि आरोपी पुलिस पवन कुशवाहा का कहना है कि एसआई के बुलाने पर मैं वहां बुलाया था।
