◆ धूमधाम से मनाया गया चक्रवर्ती सम्राट अशोक की 2327 वीं जयंती।
यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कुशीनगर कुशवाहा शाक्य सैनी मौर्य महासभा के ओर से आयोजित सम्राट अशोक की 2327 वीं जयंती पर पडरौना नगर के जूनियर हाई के प्रांगण मे आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि पुर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखंड भारत के संस्थापक तथा एशिया महादीप के सबसे बड़े भूभाग पर मानवता मुलक समरस समाज की स्थापना करने वाले सम्राट अशोक के कालखंड में ही भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। आज यह सोने की चिड़िया नहीं रह गया है। सम्राट अशोक महान मौर्य वंश के वह कुलदीपक थे जिन्होंने अपने कृत्यों से कुल, वंश व समुदाय को ही नहीं वरन् देश व दुनिया को सत्य व अहिंसा का पाठ पढ़ाया।

उन्होंने अशोक महान के बताए हुए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए कहा अखण्ड भारत का निर्माण तभी संभव है जब हम एकजुट होकर राष्ट्र के प्रति चिंतन व विचार करे। उन्होने इस संगठन के संस्थापक दिवंगत चंद्रभान कुशवाहा को समर्पित करते हुए कहा कि कुशवाहा समाज का गौरवशाली इतिहास है। पूर्व के इतिहासकारो ने हमे रोटी, कपडा और मकान तक हमे उलझाकर रखा। समाज को हमेशा सम्राट अशोक के सपनों का भारत बनाने के लिए निरंतर अपने समाज में जनजागरण करके ज्ञान का दीपक जलाना चाहिए। इतना ही नहीं सम्राट अशोक के काल में हमारा देश विश्वगुरु था सोने की चिड़िया कहलाता था,लेकिन अब नही है,इसके पीछे एकमात्र कारण अशिक्षा और अंधविश्वास है। इसलिए यदि सम्राट अशोक का भारत बनाना है तो अपने अन्दर ज्ञान का दीपक जलाना होगा और अंधविश्वास को भगाना होगा । तभी हमारा समाज आर्थिक रूप से मजबूत होकर सत्ता में भागीदारी ले सकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एनपी कुशवाहा ने कहा कि मौर्य राजवंश के चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान ने अखण्ड भारत पर राज्य किया उनका साम्राज्य उत्तर मे हिन्दुकुश की श्रेणी से लेकर दक्षिण मे गोदावरी नदी पूरब मे बांग्लादेश से पश्चिम मे अफगानिस्तान, ईरान फैला हुआ था। मतलब यह कि आज का संपूर्ण भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल,बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार के अधिकांश भूभाग पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक का राज्य था। तथागत के अप्प दीपो भव: से हमे दूर रखा। पूर्व राज्य मंत्री भदंत नंद रत्न ने सम्राट अशोक के जीवन चरित्र और अखंड भारत का वृहद साम्राज्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद उन्होंने मंच से मौजुद लोगों को को संकल्प कराया कि”श्राद्ध भोज बन्द करेंगे,बच्चों को पढ़ायेंगे
ज्ञान का दीपक जलाएंगे अंधविश्वास को मिटायेंगे।
खड्डा विधानसभा प्रत्याशी विजय प्रताप कुशवाहा ने दो दशक पूर्व दिवंगत चंद्रभान कुशवाहा द्वारा अशोक जयंती पर शुरू किये गए कार्यक्रम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्वर्गीय चंद्रभान कुशवाहा के संघर्ष से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए। आज भले ही वह हमारे बीच मे नही है लेकिन हमारे दिलो मे वह हमेशा जिंदा रहेगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय ध्वज फहराकर और राष्ट्रगान से शुरू किया गया। उसके बाद भारतीय इण्टरमीडिएट कालेज की छात्रा ने राष्ट्र वंदना के साथ-साथ संविधान की शपथ दोहराई। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया।विधायक राजेंद्र पाल गौतम,पूर्व मंत्री दिल्ली सरकार नीरज भाई पटेल,संपादक नेशनल जनमत मोतीलाल शास्त्री, और विधायक फाजिलनगर सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा नें संयुक्त रूप से सम्राट अशोक के जीवन कृत्य पर प्रकाश डाला और उनके द्वारा बताए मार्ग का अनुसरण कर देश को विकासशील बनाने के दिशा में समाज को शिक्षित करने पर बल दिया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामप्रताप कुशवाहा नें, तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष रामअधार कुशवाहा ने किया।
इस दौरान उमेश मौर्य, सूर्यान्श, रमाशंकर कुशवाहा, रामेश्वर कुशवाहा,प्रदेश अध्यक्ष परशुराम कुशवाहा, जिलाध्यक्ष रामप्रताप कुशवाहा,जिला उपाध्यक्ष रामअधार कुशवाहा,हंसराज कुशवाहा,प्रमुख महासचिव अमित कुशवाहा,जनार्दन कुशवाहा,महेंद्र कुशवाहा,ब्रह्मा कुशवाहा,राजेश कुशवाहा,मनोज कुशवाहा,आरके मौर्य,पूर्व एमएलसी रामअवध यादव,पूर्व विधायक पूर्णवासी देहाती,घनश्याम कुशवाहा लालबहादुर कुशवाहा,विनोद कुशवाहा,सज्जन गुप्ता,हैदर अली राइनी,पारसनाथ कुशवाहा, रामप्रताप मौर्य,विक्रमा यादव, अरुण चन्द्रभान कुशवाहा,दिनेश चौधरी,शैलेश कुशवाहा,वेगराज मौर्य,परमेश्वर कुशवाहा,बलदेव कुशवाहा,बबलू कुशवाहा,गणेश कुशवाहा,अरविन्द कुशवाहा, नन्दलाल कुशवाहा,कन्हैया कुशवाहा,तारा सिंह कुशवाहा, शम्भू सजल,रविंद्र सिंह कुशवाहा, किशोर कुशवाहा,मुन्ना कुशवाहा, कृष्णा कुशवाहा,दीनानाथ कुशवाहा,रामप्रताप कुशवाहा, पंकज कुशवाहा,धीरज कुशवाहा, कमलेश कुशवाहा,कुशवाहा डाक्टर हरिहर कुशवाहा,बृजेश कुशवाहा,सम्राट मनीष कुशवाहा, मुकेश कुशवाहा,केशव कुशवाहा, शम्भू कुशवाहा,पारसनाथ कुशवाहा,कमल कुशवाहा, विन्दकिशोर कुशवाहा,ओमप्रकाश कुशवाहा,गुड्डू यादव,दीपु ब्याहुत,लवकुश यादव,राम लखन यादव,हरिराम कुशवाहा,रविंद्र कुशवाहा,ब्यास कुशवाहा आदि लोग मौजुद रहे।
