जीवनदीप हास्पिटल द्वारा बच्चा बदलने के मामले मे राज्य बाल आयोग ने एसपी से मांगी रिपोर्ट

Shareयदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क कुशीनगर। बीते दिनों जनपद के पडरौना नगर के जटहरोड स्थित जीवनदीप हास्पिटल मे डा0 रवि जायसवाल व स्टाफ के मिलीभगत से बच्चा बदलने के मामले...

यदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क

कुशीनगर। बीते दिनों जनपद के पडरौना नगर के जटहरोड स्थित जीवनदीप हास्पिटल मे डा0 रवि जायसवाल व स्टाफ के मिलीभगत से बच्चा बदलने के मामले को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान मे लेते एसपी को पत्र जारी कर अस्पताल प्रबंधन व संलिप्त आरोपी के विरुद्ध की गयी कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है अक्टूबर माह के पहले सप्ताह मे पडरौना नगर के जटहरोड स्थित जीवनदीप हास्पिटल मे डाँ. रवि जायसवाल व उनके स्टाफ के मिलीभगत से बच्चा बदलने का मामला प्रकाश मे आया था। घटना को लेकर परिजनों द्वारा काफी हो-हल्ला व धरना प्रदर्शन किया गया। पुलिस की मदद से सात घंटे बाद सात दिन का मासूम अपनी माॅ से मिला। प्रशासन ने हास्पिटल सील कर दिया। सदर कोतवाली पुलिस ने डाक्टर रवि जायसवाल के विरुद्ध अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर डाक्टर को हिरासत मे ले लिया। घटना के दुसरे दिन प्राइवेट चिकित्सक अपना हास्पिटल बंदकर आईएमए के बैनर तले जीवनदीप चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर के संचालक डाँ. रवि जायसवाल को छुडाने कोतवाली पहुचे और हंगामा किया । डॉक्टरों का तेवर देख कोतवाली पुलिस ने हिरासत में लिये गये आरोपी डॉ. रवि जायसवाल को निजी मुचलका पर छोड दिया। इसके बाद डॉक्टर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर जीवनदीप हास्पिटल के संचालक रवि जायसवाल पर किये गये कार्रवाई को गलत बताते हुए पीड़ित परिजनो द्वारा हंगामा करने की वजह से कार्रवाई का तर्क दिया। चिकित्सको ने हास्पिटल मे बदले गये बच्चे को मानवीय भूल करार देते हुए हास्पिटल खुलवाने के लिए अनुरोध किया जिसके बाद हास्पिटल खुल गया।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पांच दिन मे रिपोर्ट भेजने का दिया निर्देश
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डाॅ. शुचिता चतुर्वेदी द्वारा पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को जारी पत्र में कहा गया है कि रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम विजयपुर सियरहा निवासी अंजली देवी पत्नी दीपा कुशवाहा ने 10 अक्टूबर – 2023 को प्रार्थना पत्र के माध्यम से आयोग को अवगत कराया है कि नवजात शिशु का स्वास्थ्य खराब होने पर उसे दिनांक-1 अक्टूबर – 2003 को उपचार के जीवनदीप चाइल्ड एण्ड मैटर्निटी सेंटर, पडरौना कुशीनगर के डॉक्टर रवि को दिखाया गया। डॉक्टर के निर्देशानुसार शिशु को तत्काल में भर्ती किया गया। उपचार के बाद दिनांक – 5 अक्टूबर को 11 बजे शिशु को डिस्चार्ज कर अंजली देवी के सात दिन के पुत्र को जीवनदीप चाइल्ड एण्ड मैटर्निटी सेंटर के डॉक्टर रवि जायसवाल व कर्मचारियों की मिलीभगत से बेटे को बदलकर बेटी दे दिया गया था। उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा शिशु को अधिकारियों की मौजूदगी में पीडिता को सौंपा गया। इस प्रकरण के सम्बन्ध में आरोपी रवि जायसवाल के विरूद्ध थाना कोतवाली पडरौना, में 940/2023 धारा 363, 504, 506 के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आयोग की सदस्य ने पत्र मे उक्त अपराध की निष्पक्ष विवेचना कर अस्पताल प्रबंधन एवं संलिप्त आरोपी के विरूद्ध की गयी कार्यवाही से आयोग को पाच दिवस मे अवगत कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

गौरतलब है कि रामकोला थाना के विजयपुर सियरहा निवासी दीपलाल कुशवाहा की पत्नी अंजली को 29 सितंबर को सीएचसी पर सामान्य प्रसव से बेटा पैदा हुआ। बच्चे की तबीयत बिगड़ने कारण डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान आराम नहीं मिलने पर परिजन एक अक्टूबर को उस बच्चे को लेकर पडरौना के जटहां रोड स्थित जीवनदीप चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर अस्पताल पहुंचे जहा चिकित्सक ने बच्चे को भर्ती कर इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान बच्चे की तबीयत में सुधार हुआ। 5 अक्टूबर को चिकित्सक ने बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया। उसके बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों से 38 हजार रुपये इलाज के नाम पर खर्च धनराशि जमा कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जब नवजात को डिस्चार्ज किया गया तो स्टाफ नर्स ने उन्हें बेटे की जगह बेटी थमा दिया। परिजनों का कहना था कि इसकी शिकायत लेकर जब वह डाँ. रवि जायसवाल के पास पहुचे तो डाक्टर गाली-गलौज कर उन्हें हास्पिटल से धक्का देकर गेट से बाहर निकलवा दिया। फिर इसको लेकर हंगामा शुरू हुआ। मौके पर पहुची पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा खंगाला तो पता चला कि एक गांव की रहने वाली महिला अंजली के बेटे से पहले अस्पताल से डिस्चार्ज की गई थी वह अपनी बेटी की जगह अंजली का बेटा लेकर चली गई है। पुलिस की मदद से बदला गया बच्चा मिल गया। पुलिस बेटे को लेकर थाने चली गई और दोनों पक्षों को भी वहीं चलने को कहा, लेकिन तीमारदार अस्पताल संचालक डाँ. रवि जायसवाल पर कार्रवाई और हास्पिटल को सील कराने की मांग पर अडिग रहे। इसके बाद प्रशासन ने जीवनदीप हास्पिटल को सील कर दिया और पुलिस डाँ रवि को हिरासत मे लेकर कोतवाली आ गयी। इसके बावजूद परिजन देर रात तक पुलिस की मौजूदगी में डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर धरना पर बैठे रहे। रात्रि तकरीबन दस बजे कोतवाली पुलिस ने परिजनो के तहरीर के आधार पर जीवनदीप हास्पिटल के संचालक व बाल रोग विशेषज्ञ डाँ. रवि जायसवाल के खिलाफ अपराध संख्या – 948/23 धारा – 363,504 व 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया।

Categories
तजा खबरें
No Comment

Leave a Reply

*

*

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  

RELATED BY