यदुवंशी टाइम्स न्यूज नेटवर्क
कुशीनगर। किलकारी हास्पिटल के रसूखदार व मनबढ संचालक डा0 कमलेश वर्मा के खिलाफ कसया पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा बीते दिनो अपने पुत्र का इलाज कराने गये हरीश सिंह के तहरीर दर्ज किया गया है। कहना न होगा कि चिकित्सकीय पेशा के विपरीत आचरण के लिए खासे चर्चित कमलेश वर्मा पर इसके पूर्व में भी कोतवाली पडरौना मे मुकदमा दर्ज हो चुका है।
कसया थाना अंतर्गत शामपुर गांव के निवासी हरीश सिंह द्वारा कसया के गोपालगढ व पडरौना के रामकोला रोड स्थित किलकारी हास्पिटल के संचालक डाक्टर कमलेश वर्मा के खिलाफ दिये गये तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 323,504,506 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। हालांकि डाक्टर कमलेश पुलिस की इस कार्रवाई से तनिक भी भयभीत नही है वह अपने रसूख और धनबल पर गुमान करते हुए यह दावा करते फिर रहे है कि ” मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता है, जिसको जो करना है कर ले, सब कुछ मैनेज हो जायेगा। ”
इसके पूर्व कोतवाली पडरौना मे दर्ज हुआ है मुकदमा
कभी- कभी मरीजों के परिजनो के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार व करने तो कभी अपनी लापरवाही के कारण मरीजों की जान जोखिम मे डालकर तीमारदारो को हाकी से पीटने को लेकर हमेशा चर्चा मे रहने वाले किलकारी अस्पताल के संचालक डाक्टर कमलेश वर्मा पर अपनी कारगुजारियों को लेकर पूर्व मे भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। यह मुकदमा बीते वर्ष बीते वर्ष पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नेहरु नगर बाडी टोला निवासी मोहम्मद परवेज पुत्र शमीम के साथ मारपीट करने के मामले मे डा0 कमलेश वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय डाॅ. वर्मा की खूब छिछालेदर हुई थी। यह घटना इतना सुर्खियों मे था कि आम लोगो ने मुख्यमंत्री से लगायत डीजीपी तक ट्वीट कर डा0 वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया था। सोशल मीडिया पर भी डा0 वर्मा के कुकृत्यो के किस्से सरेआम कर कार्रवाई की मांग उठने लगी। परिणाम स्वरूप पडरौना कोतवाली पुलिस ने किलकारी अस्पताल के डाक्टर कमलेश वर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 504, 427 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की थी। यह बात दीगर है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद इनके खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नही हुई।
