…………….मनोज मोदनवाल।
यदुवंशी टाइम्स
कुशीनगर। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर उपाध्यक्ष व समाजसेवी मनोज मोदनवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी किया है। जिसमें जिक्र किया है कि पडरौना सदर विधायक व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव के समय नगर वासियों से अपील किया था कि हमें चुनाव जीता देंगे तो नगर में विकास की गंगा बहाने का काम करूंगा ।लेकिन उनके कथनी व करनी में काफी फर्क दिखाई दे रहा है ।नगर के नोनिया पट्टी बायपास मार्ग गड्ढे में तब्दील होकर बर्षों से पड़ा हुआ है। जिसकी शिकायत कैबिनेट मंत्री से कई बार किया गया लेकिन उसका निर्माण कार्य अभी तक नहीं हो सका है ।जिससे जनता का भरोसा टूटने लगा है।बर्तमान समय में उक्त मार्ग पर जलभराव हो जाने से लोगों का आना जाना बन्द हो गया है।
व्यापारी नेता मनोज मोदनवाल जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिक्र किया है कि पडरौना नगर के नोनिया पट्टी बायपास मार्ग बरसों से गड्ढे में तब्दील पड़ा हुआ है लेकिन न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है न ही जनप्रतिनिधि। उन्होंने कैबिनेट मंत्री निशाना साधते हुए जिक्र किया है कि उक्त बाय पास मार्ग के निर्माण कार्य के लिए उन्होंने लिखित व मौखिक रूप से कई बार शिकायत की है कि उस मार्ग का निर्माण कार्य जल्द कराया जाए, क्योंकि रोड़ का निर्माण नहीं होने से बाईपास निकलने वाले बड़े वाहनों को पडरौना नगर के हृदयस्थली सुभाष चौक होते हुए निकलना पड़ रहा है। जिससे नगर में भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो जा रही है ।वहीं जाम के कारण राहगीरों में तू तू मैं मैं के साथ मारपीट भी होती रहती है। उस मार्ग के निर्माण कार्य हो जाने से भारी वाहन शहर के किनारे से बेलवा चुंगी होते हुए आगे निकल जाएंगे जिससे नगर वासियों व राहगीरों को जाम की समस्या से निजात मिल सकेगा।श्री मोदनवाल आगे अपने जारी प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख कि है कि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री वह सदर विधायक ने जो वादा किया था, उसे पूरा करने में असफल साबित हो रहे हैं जिससे नगर वासियों को परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। अगर कैबिनेट मंत्री ने ध्यान दिया होता तो उक्त मार्ग का निर्माण कब का हो गया होता । लेकिन लगता है कि उन्हें समस्याएं केवल चुनाव के समय याद आती है और उसके बाद उसे वह भूल जाते हैं। श्रीमोदनवाल ने उक्त रोड़ की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की थी जिसकी जांच 1 सप्ताह पूर्व PWD ने कुशीनगर भेज दिया है, अब देखना यह है कि उक्त मार्ग का निर्माण कार्य कब तक हो पाता है।