कुशीनगर।बीते दिनों फाजिलनगर ब्लॉक में कार्यरत एक शिक्षा मित्र की मौत हो जाने का खबर प्रकाश में आया है ।बताया जाता है कि जब सुप्रीमकोर्ट द्वारा समायोजन रद्द कर देने बाद से ही वह हमेशा परिवार की परवरिश के लिए के लिए परेशान रहती थी।जब इनको शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक जबनाया गया तो इनका वेतन अच्छी- खाशी थी। और इनको लगने लगा कि अब हमारा जीवन अच्छी तरह से गुजर जाएगा। लेकिन ऐसा नही हुआ समायोजन रद्द होने बाद से ही सीमा अवसाद में रहती थी।और इसी कारण उसकी मौत हो गई।मौत का समाचार मिलते ही पुरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई, तथा उस महिला शिक्षा मित्र के घर शिक्षामित्र संगठन के नेताओं का आना जाना चालू हो गया है। इस घटना ने पूरे शिक्षामित्र संगठन को झझकोर कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार सीमा उम्र लगभग 37 वर्ष जो शिक्षा मित्र के पद पर फाजिलनगर ब्लॉक में कार्यरत थी ।वह समय से स्कूल आकार सुचारू रूप से बच्चों को पढ़ाती थी। जब शिक्षामित्रों का समायोजन सपा सरकार द्वारा किया गया तो उनके जीवन में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी और अच्छी – खासी वेतन मिलने की वजह से स्थिति में सुधार होने लगा था ।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन रद्द कर दिया, जबकि आरोप लगता रहा कि भाजपा सरकार के मिलीभगत से शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया है। समायोजन रद्द होने के बाद सीमा काफी परेशान थी।जिसके कारण उसकी मौत हो गयी । इनकी नौकरी न्यायालय ने भले ही रद्द कर दी है लेकिन नौकरी देना सरकार काम है।अगर सरकार इनकी नौकरी बहाल कर सम्मानजनक वेतन मिलने लगे तो शायद इस तरह से मौते रुक जाय।