परमेश्वर यादव / भगवन्त यादव
कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज कस्बा के आर्यनगर वार्ड नंबर 11 मे बुधवार को सुबह अवैध पटाखा गोदाम मे अचानक भयानक हुए विस्फोट मे चार लोगो की बुरी तरह झुलसने से मौत हो गयी है वही दर्जनभर से अधिक लोग घायल बताये जा रहे है। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बताया जाता है घनी आबादी मे वर्षो से यहा अवैध रूप से पटाखे की फैक्ट्री चल रही थी किन्तु इस अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई करने की जहमत आज तक किसी ने नही उठायी। नतीजतन एक बडे हादसे ने कुशीनगर को दहला कर रख दिया। घटना की सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां आग बुझाने पहुंची लेकिन तब तक आग और उससे होने वाले विस्फोट के कारण अगल-बगल के कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए थेे। आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड की टीम को तीन घण्टे तक काफी मशक्कत करनी पडी।
कप्तानगंज कस्बे के वार्ड नंबर 11 आर्य नगर निवासी जावेद के घर में वर्षो से अवैध रूप से पटाखा बनाने का कारोबार चल रहा था। बुधवार की भोर में अचानक घर के अंदर तेज धमाका हुआ। आस-पास के मकान भी इस धमाके चपेट मे आकर क्षतिग्रस्त हो गए। घमका इतना जोरदार था कि पूरे कस्बे में अफरा तफरी मच गई।

बारुदी विस्फोट के बाद एकाएक चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कप्तानगंज पुलिस मकान के अंदर घुसी तो चारों तरफ ईंट, बारूद व अन्य सामान बिखरे पड़े थे। इस हादसे में अनवरी पत्नी जावेद, नाजिया पुत्री जावेद, जावेद पुत्र अनवर तथा जावेद की मां फातिमा की मौत हो गई है। इसके अलावा आजाद, रामसजन, नेहा, प्रियंका, चंदन, साहिन, समां, चांदनी, अफसाना आदि घायल हैं। जावेद के बगल में अलीहसन का घर है जिनके मकान की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
धमाके के बाद गोदाम में लगी आग के कारण एक के बाद एक पटाखे विस्फोट करने लगे। घर के सदस्य बाहर निकल कर अपनी जान बचाने की कोशिश करते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर घर के सदस्यों को अपने आगोश मे ले लिया। इतना ही नही पडोसी नबी हसन की मकान में भी आग लग गई। गली में मकान होने के कारण फायर ब्रिगेड को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने की कोशिश करती रही मगर एक तरफ से आग पर जहां टीम काबू पा रही थी वही दूसरी तरफ के मकानों में आग की लपटें उठने लगीं।

पुलिस पर खड़े हो रहे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं. किस तरह से यह पटाखा फैक्ट्री घनी आबादी में संचालित हो रही थी? क्या इसका लाइसेंस था या नहीं. अभी इस बाबत कोई भी बड़ा अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहा है और जांच की बात कह रहा है।

मौके पर पहुंच कर पुलिस अधीक्षक ने लिया जायजा
सूचना पाकर पहुंचे एसपी विनोद कुमार सिंह, एडिशनल एसपी अयोध्या प्रसाद सिंह ने मौका-ए-वारदात का जायजा लिया। एसपी विनोद कुमार सिंह के अनुसार इस घटना में कई लोग झुलसे हैंं। तीन शव निकले गए जिसमे से एक की शिनाख्त नाजिया 14 पुत्रि अली हसन के रूप में हुई है । अन्य दोनों शव इतने जल चुके है कि पहचान मुश्किल है। आग में घिरे जावेद (35), उसकी बीवी अनवरी (32), जावेद की मां फातिमा (65) को निकला नही जा सका था। 12 लोग झुलस गए थे। जिन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया है। इनमे चार की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। एसपी ने चार मौतों की पुष्टि की है।

पुलिस अधीक्षक ने चार पुलिस कर्मियों को किया निलंबित
कप्तानगंज के घनी आबादी वाले कस्बे मे वर्षो से चल रहे अवैध पटाखा फैक्ट्री मे दिल दहला देने वाली विस्फोटक घटना के बाद पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप मे कप्तानगंज थाने पर तैनात उपनिरीक्षक रितेश सिंह, बीट हेड कांस्टेबल मानिक चन्द, कांस्टेबल संन्तोष कुमार, कांस्टेबल मनीष प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। घटना की जांच सीओ कसया को सौपी गयी है।
