कुशीनगर स्प्ष्ट विचार और बागी तेवर के रुप मे अपनी पहचान बनाने वाले दैनिक समाचार पत्र के वरिष्ठ पत्रकार रामायण यादव इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। गुरुवार की देर रात हृदय गति रूकने से उनकी मौत हो गई। असमय इनकी मौत की खबर से जनपद मे शोक की लहर दौर गयी।
उल्लेखनीय है कि मंसाछापर निवासी पत्रकार रामायण यादव प्रतिदिन के भाति गुरुवार को देर शाम अपना कार्य निपटा कर घर गये थे। रात्रि तकरीबन सवा बारह बजे अचानक उनको असहनीय पीडा शुरू हुई, परिजन कुछ समझ पाते इससे पहले उनका तवीयत तेजी से बिगड गया और उनकी मौत हो गयी। 48 वर्षीय रामायण की मौत की खबर जिसने भी सुना शोक मे डूब गया, भोर मे ही उनके आवास पर उनका अन्तिम दर्शन करने वाले लोगो का तांता लग गया। पत्रकार के पार्थिव देह को शुक्रवार को बांसी रामघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। स्वर्गीय रामायण अपने पीछे पत्नी समेत दो बेटे व दो बेटियों को छोड़ गए हैं ।
सूचना मिलने के बाद उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि ,समाजसेवी , पत्रकारों आदि का हुजूम उनके शव यात्रा के साथ बासी रामघाट पहुचा। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे मणिकांत यादव ने दी । इस मौके पर पूर्व सांसद बालेश्वर यादव, बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह , बिशुनपुरा विकासखंड के ब्लाक प्रमुख विक्रमा यादव , लल्लन यादव ,ध्रुव यादव, शिक्षक राकेश दत्त शुक्ला , राजकुमार यादव, वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश दुबे , ज्योतिभान मिश्रा , संजय चाणक्य, एस एन शुक्ला, संतोष सिंह अशोक शुक्ला, पवन मिश्रा, परमेश्वर यादव, शम्भू शरण मिश्र, हेमन्त चौरसिया, राजन विश्वकर्मा, दीपक मिश्रा, गौरी शंकर गुप्ता, रवि पाण्डेय, सुनील तिवारी, आरके भट्ट , मनोज कुमार चौबे , उदय सिंह , मनोज पासवान , आदित्य दिक्षित , आदित्य श्रीवास्तव , टीपू सुल्तान , केडी यादव , नवीन पांडेय , शंकर मिश्रा , दुर्गेश मिश्रा , उमर अंसारी , खुर्शेद आलम आदि लोग मौजूद रहे ।
