- इस गांव युवाओ मे सैनिक और इंजिनियर बनने की ललक है।
- आनंद प्रकाश उपाध्याय आइ ए एस और शैलेष कुमार यादव पटना आईआईटी शोध छात्र
तथा रोहित त्रिपाठी प्रोफेसर है।
भगवन्त यादव
कुशीनगर जनपद के रामकोला विकासखंड के चर्चित गांव पठानपट्टी सिधावे आजादी के 73 साल बाद अपना नया इतिहास बनाया है इस गांव की आबादी लगभग 15000 है, तथा मतदाताओं की संख्या लगभग 7500 है, जिसमें 70% लोग साक्षर हैं, और 40% लोग नौकरी में है।
यह गांव 18 टोलो मे बंटा है।
सिधावे, पठानपट्टी,रैयापार, इंदरपुर, बरवा,कटकुईया, भड़कुड़वा,अम्बेडकर गांव, बसन्तपुर, बिजयपुर माफी, शुक्ल टोला आदि है। इस गांव के टोला पठानपट्टी मे आनंद प्रकाश उपाध्याय आई ए एस और होनहार छात्र शैलेष कुमार यादव पटना आईआईटी मे भूविज्ञान से शोध कर रहे है।
बताते चले कि आजादी के बाद इस गांव के दर्जनो लोगो ने सरहद पर देश सेवा हेतु भारतीय थल सेना मे सैनिक होना पसंद किया। सबसे पहले सूबेदार रामदरस यादव जो अब रिटायर्ड है इन्होने फौज मे नौकरी करते हुये गांव के अन्य लोगो के प्रेरणास्रोत बने तथा सूबेदार रामनरायन यादव, स्व सूबेदार रघुनाथ सिंह, हलदार रामजतन यादव, सूबेदार रमाकांत यादव, सूबेदार राजवंत यादव, सीमा सुरक्षा बल कैप्टन संजय सिंह,सूबेदार अशोक सिंह, संतोष सिंह रिटायर्ड है। इसके साथ ही महेन्द्र यादव, गुड्डू यादव,आदि सेना मे सेवा दे रहे है तथा दर्जनो युवाभर्ती हेतु दौड़ लगा रहे है इसके साथ ही इस गांव मे फिल्म कलाकार दीलीप लाल यादव, गोरख यादव है। विशवनाथ कुशवाहा, विनोद मद्धेशिया आदि दर्जनो लोग मुम्बई मे है तथा शिक्षक व विदेश मे भी है गांव मे पूर्व प्रधान भगवन्त यादव व पूर्व प्रधान श्रीमती नेबूलवास देवी ने लोगो को शिक्षीत होने का प्रेरणा देतेहै और गांव के हर टोलो पर विद्यालय की स्थापना कराये है तथा खास टोला
सिधावे मे दर्जनों इंजीनियर्स शिक्षक व सामाजिक लोग निवास करते हैं इस गांव के लोगों में भाईचारे की मिशाल यह है कि आज तक इस गांव में बढ़ा विवाद तथा सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ है जबकि इस गांव में हिंदू मुस्लिम के लोग निवास करते हैं इन लोगों का मानना है कि गांव को शिक्षित संगठित रखने से गांव समाज व परिवार तथा देश का विकास होना संभव है इस गांव के रोहित तिवारी पुत्र रबिश तिवारी गोरखपुर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मे प्रोफेसर पद पर सेवा रत है, तथा मार्कंडेय शर्मा पुत्र रामसती शर्मा गुड़गांव स्थित होंडा कंपनी में कार्यरत है, तथा सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी आबिद हुसैन खा व प्रमोद यादव जिलासांख्यिकी अधिकारी है। विंरेन्दर शर्मा, विकास सिंह, श्याम बदन शर्मा, कर्मवीर सिंह, अमित सिंह,अगस्त मुनि तिवारी, भोलू, जयप्रकाश सिंह, मुरली मनोहर यादव,गणेश सिंह, राजेश सिंह, चंद्र देव सिंह आदि विटेक इंजीनियर है, और गजेंद्र सिंह, लेखपाल है। विपिन, नितिन, सचिन,रोहित तिवारी, सुनील गुप्ता,अरविंद राय, अमर देव यादव, मोहन सिंह, लक्ष्मण यादव, आदि बीटेक व पॉलिटेक्निक तथा एमटेक डिग्री धारक इंजीनियर इस गांव के हैं। इसके साथ ही इस गांव में शिक्षक के रुप में जाबेद खान, केश्वर सिंह, घनश्याम गोड़, राम प्रताप सिंह, सुरेंद्र शर्मा, मोहम्मद आजाद अंसारी, इब्राहिम खान, लियाकत खान, सतार खान, विनय तिवारी, गुड्डू तिवारी, राम आशीष राय ,रामप्रवेश राय, किरण सिंह, शराफत अली, शहबाज बेगम, रजनी सिंह, बैजनाथ गुप्ता आदि लोग शिक्षक हैं। जो अपने गांव का नाम रोशन कर रहे हैं और इस गांव को खुशहाल बनाने में लगे हुए है जो समाज को नई दिशा दे रहे है गांव मे गरीब होनहार बच्चों को पढाने मे गांव के लोग मदद करतेहै जो देश व समाज के युवाओ हेतु ऐसे गाँव प्रेरणा के स्रोत है।
