यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कुशीनगर उत्तर प्रदेश में जहां सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं मिशन शक्ति जैसी योजनाओं को संचालित करके महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयास कर रही है। वही पूजा मिश्रा महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई है।
श्रीमती मिश्रा की उपलब्धि ने कुशीनगर ही नहीं प्रयागराज को भी प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा संचालित टीजीटी हिंदी व पीजीटी हिंदी की परीक्षा मे क्रमशः 249 व 76 रैंक के साथ उत्तीर्ण करके श्रीमती मिश्रा ने महिलाओं के लिए एक आदर्श स्थापित किया ।
गौरतलब है कि पडरौना नगर के मुन्ना कॉलोनी निवासी योगेंद्र मिश्रा की सबसे छोटी पुत्री पूजा के इस उपलब्धि से एक तरफ जहां पूरी कॉलोनी आह्लादित है वहीं दूसरी तरफ ससुराल में मानों खुशियाँ ही बरस रही हो क्या पता करीब डेढ़ साल का नन्हा बेटा शायद ईश्वर से अपनी मां के लिए इस दिवाली खुशियां मांग रहा हो।
ऐसा नहीं कि ए खुशियां पहली बार आई हो पूजा की कामयाबी ने हमेशा नारी जाति के लिए प्रोत्साहन का काम किया है हाई स्कूल की कक्षाओं से लेकर स्नातक परास्नातक की कक्षाओं तक हर जगह नारी के लिए मिसाल बनी अभी दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी गोरखपुर से जेआरएफ होते हुए पीएचडी कर रही हैं। मध्यम परिवार से ताल्लुक रखने वाली पूजा अपनी इस दोहरी कामयाबी का श्रेय पति विपिन उपाध्याय, ससुर दीप नारायण उपाध्याय, पिता योगेंद्र मिश्रा सहित पूरे परिवार को दे रहे। उन्होंने कहा कि इस इलाके में आज भी महिलाएं पिछड़ेपन की शिकार हैं ऐसे में महिलाओं को उनका परिवार साथ दे तो वह इससे भी बड़ी परीक्षा पास कर सकती हैं।
