July 23, 2018
यदुवंशी टाइम्स कुशीनगर।भारतीय किसान यूनियन (भानु) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह की अध्यक्षता मे तहसील परिसर कप्तानगंज मे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया| श्री सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति सम्बंधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी, कप्तानगंज को सौपते हुए अवगत कराये है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और केंद्र सरकार किसानों,गरीबों और मजदूरों के प्रति निराशाजनक रवैया अपना रही है साथ ही साथ केंद्र सरकार के गलत नितियों के वजह से किसान बन्धु अपने आप को कोश रहे है क्योकि किसान बन्धु अपना खून पसीना एक करके अन्न पैदा करता है मगर सरकार उनके फसलों का लागत मूल्य नही दे पा रही है, यही वजह है कि देश के किसानों की हालत दिन प्रति दिन दयनीय होता जा रहा है साथ ही साथ किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे है जो एक चिन्ता और चिन्तन का विषय है| यदि किसान खेती करना छोड़ दे तो इस देश मे अन्न के लिए हाहाकार मच जायेगा| महामहिम, विनम्र आग्रह है के साथ यह बताना चाहते है कि किसान, मजदूर और गरीबों के उत्थान के लिए आप स्वंय आगे आये और सरकार को अवगत कराये की किसानों,गरीबों और मजदूरों के ऊपर अत्याचार न किया जाये ताकि आमजनता का विश्वास वर्तमान लोकतांत्रिक प्रणाली से समाप्त न होने पाये| जिलाध्यक्ष ने महामहिम, राष्ट्रपति महोदय को किसानों, गरीबों और मजदूरों के हितों के लिए निन्मलिखित बातों के ऊपर उनका ध्यान आकर्षित कराया चाहते है :-
१.सरकार ने खरीफ की फसलों का जो समर्थन मूल्य डेढ़ गुना करके तय किया है वह किसानों के साथ धोखा किया गया है| सरकार किसानों के फसलों का समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले (A2+FL+C2) पर तय करे| सरकार द्वारा जो समर्थन मूल्य तय हुआ है वह आधें-अधूरे फार्मुले (A2+FL) पर तय किया गया जो निंदनीय है|
२.देश के सभी किसान भाइयों के सभी प्रकार के कर्जे माफ़ किया जाये ताकि किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर न होना पड़े|
३.प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी, २३ मार्च २०१५ को फिरोजपुर (पंजाब) मे एक किसान रैली को सम्बोधित करते हुए घोषणा किये थे कि हमारी सरकार देश के प्रत्येक नागरिक जिनकी उम्र साठ साल से ऊपर हो गया है उनको पांच हजार रूपये जीवन निर्वाह भत्ता देगी मगर तीन साल से ऊपर हो गया माननीय प्रधानमंत्री जी ने अपने वादे को पूरा नही किये इससे साफ जाहिर होता है कि इस सरकार के कथनी और करनी मे कितना फर्क है| यह सरकार जो कहती है वह करती नही है|
४.देश के गन्ना किसानों का बाईस सौ करोड रूपये वकाया है उसे सरकार जल्द से जल्द दिलवाने का कार्य करें|
५.जब सरकार कृषि ऋण पर किसानों से ब्याज लेती है तो गन्ना किसानों का जो करोडों रूपये का भुगतान बाकी है उसके ऊपर भी सरकार को ब्याज देना चाहिए क्योकि किसान बन्धु कर्ज लेकर अपनी खेती करते है और सरकार गन्ने का भुगतान करने मे सालों लगा देती है|
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