शिक्षक दिवस पर विशेष…

Shareपरमेश्वर यादव भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति रहे डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवसके रूप मे पूरे भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। पूरे देशभर...
परमेश्वर यादव
भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति रहे डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवसके रूप मे पूरे भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। पूरे देशभर में इस दिन विद्यालयो को सजाया जाता है और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विद्यार्थियों के साथ-साथ ही शिक्षक भी इस कार्यक्रमों में पूरे उमंग के साथ भाग लेते है। यह वह दिन होता है जब हमें अपने स्कूली गतिविधियों से छुट्टी मिलती है, ताकि हम अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा ले सके।
पाच सितंबर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की जयंती है, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति थे, उन्होंने सन् 1952 ले लेकर 1962 तक उप-राष्ट्रपति के रुप में देश की सेवा की इसके अलावा 1962 से 1967 तक उन्होंने देश के दूसरे राष्ट्रपति के रुप में भी कार्य किया। डॉ राधाकृष्णनन शिक्षको का काफी सम्मान करते थे। राजनीती में आने से पहले उन्होंने खुद कलकत्ता विश्वविद्यालय, मैसूर विश्वविद्यालय और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे कई सारे संस्थानो में पढ़ाया था। उन्हे उनके काम के लिए काफी सराहा जाता था और उन्हे उनके छात्रों द्वारा भी काफी पसंद किया जाता था। उनका मानना था कि शिक्षक वह व्यक्ति होता है, जो युवाओ को देश के भविष्य के रुप में तैयार करता है। यही कारण था कि उन्होंने प्रोफेसर का यह दायित्व इतने लगन से निभाया और अपने छात्रों को सदैव अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया।
जब वह भारत के राष्ट्रपति बने तब उनके छात्रों नें हर वर्ष उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई। इसके जवाब में डॉ राधाकृष्णनन ने कहा कि उन्हे इस बात की अधिक प्रसन्नता होगी यदि उनके छात्र 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाये, तब से लेकर आज तक उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।
       शिक्षक दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, यह वह दिन है जिसे हम अपने शिक्षको के प्रयासो और कार्यो के सम्मान के रुप में मनाते हैं। शिक्षण का कार्य विश्व के सबसे कठिन कार्यो में से एक है क्योंकि उनके उपर नौजवानो को शिक्षा देने की जिम्मेदारी होती है। उनके कार्यभार में एक पूरी कक्षा के बच्चे होते है और क्योंकि हर विद्यार्थी दूसरे से अलग होता है और उसकी अपनी क्षमता होती है इसलिए यह कार्य और भी कठिन हो जाता है, कुछ विद्यार्थी खेल-कूद में अच्छे होते है तो कुछ गणित में तो वही कुछ का अंग्रेजी में ,एक अच्छा शिक्षक हमेशा अपने विद्यार्थियों के रुचि को ध्यान में रखता है और उनकी क्षमताओं को पहचानता है। उन्हे उनके विषय या कार्यो के कौशल को निखारने की शिक्षा देता है ओर इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखता है कि उनकी दूसरी गतिविधियां या विषय ना प्रभावित हो।और यही कारण है कि यह दिन शिक्षको को सम्मान और आभार प्रकट करने के लिए समर्पित किया गया है।पूरे भारत भर के स्कूलो में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थियों द्वारा अपने पसंदीदा शिक्षको की वेषभूषा धारण करके अपने से निचले कक्षाओं में जाया जाता हैं। इस दिन उन्हे अलग-अलग कक्षाएं दी जाती है जहा वह जाकर पढ़ा सकते है। यह छोटे तथा बड़े सभी तरह के विद्यार्थियों के लिए काफी मजेदार दिन होता है। वह पढ़ाने के साथ ही कई सारी दूसरी गतिविधियों में हिस्सा लेते है। इस दौरान सीनियर छात्र इस बात का ध्यान रखते है कि विद्यालय का अनुशासन बना रहे और इसके लिए जूनियर छात्र उनका सहयोग करते हैं।
कई सारे विद्यालयों में जूनियर छात्रों द्वारा भी शिक्षको का वेष धारण करके उनकी भूमिका निभायी जाती है। इस दौरान बेस्ट ड्रेस और रोल प्ले जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इसके अलावा अन्य कई तरह के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। सामान्यतः इन कार्यक्रमों का आयोजन दिन के दूसरे पहर में किया जाता है, वही पहले पहर यानी लंच के पहले तक सीनियर छात्रों द्वारा कक्षाए ली जाती है और शिक्षक कक्षाओ में आराम करते है तथा इन सभी गतिविधियों का आनंद लेते है।
इस दिन शिक्षिकाएं भी काफी  सज-सवंर के आती है। इनमें से ज्यादातर साड़ी पहनकर विद्यालय आती है। इसी तरह से विद्यालय को भी उनके स्वागत के लिए काफी अच्छे से सजाया जाता है। इसके लिए एक दिन पहले से ही सारी तैयारियां शुरु कर दी जाती है। तमाम विद्यालयों  मे स्कूली बच्चों द्वारा सास्कृतिक कार्यक्रम एव नाट्य मंचन,फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं और भाषण जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसका शिक्षको द्वारा आनंद लिया जाता है। वही कुछ विद्यालयों में शिक्षको और छात्रों द्वारा मिलकर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जोकि और भी ज्यादे आनंददायी होता है। उनके द्वारा एक साथ कई सारे खेल खेले जाते है और इसके अलावा अन्य कई गतिविधियों में हिस्सा लिया जाता है।
     पांच सितम्बर के दिन छात्र-छात्राएं अपने शिक्षको के लिए ग्रीटिंग कार्ड, फूल और तमाम तरह के कई उपहार लाते है, अपने विद्यार्थीयो से इस तरह के तमाम उपहार पाकर शिक्षक भी काफी गदगद होते हैं।भारत में शिक्षक दिवस शिक्षको के सम्मान के रूप में मनाया जाता है।
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