यदुवंशी टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
कुशीनगर पडरौना नगर के अहिरौली बुज़ुर्ग में, माँ काली के भव्य मंदिर पर आज दिन रविवार को बुद्धिजीवियों द्वारा “धर्म” पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कामेश्वरी दीक्षित, आनंद मनी त्रिपाठी, केदार शर्मा, लाल जी दीक्षित, परमेश्वर यादव, आदि ने धर्म पर अपने अपने विचार व्यक्त किए ,इस कार्यक्रम में केदार शर्मा द्वारा कही गई रामायण की चौपाइयों ने सबका मन मोह लिया।
गौरतलब है कि उक्त अवसर पर कामेश्वरी दीक्षित ने कहा “धर्म हमें जीवन जीने की कला सिखाता है, हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए “इसी क्रम लालजी दीक्षितअपने संबोधन कहा कि – “धर्म में आस्था मनुष्य को सदाचारी बनाती है”

और आनंद त्रिपाठी कहा कि धर्म कभी भी जोड़ने का कार्य करता है तोड़ने का नहीं,इसी कड़ी में केदार शर्मा ने रामायण की चौपाइयों के साथ साथ सनातन धर्म और अनेकों पंतो के बारे में जानकारी दी, इस अवसर पर परमेश्वर यादव ने कहा कि धर्म का आशय अलौकिक शक्ति पर विश्वास हैअ
लौकिक शक्ति हम उसे कहते हैं जो लौकिक जगत से परे हैं जो हमें दिखाई नहीं देता है जो अगम अगोचर है। धर्म का सामान्य अर्थ कर्तव्य है, धर्म हमें बताता है कि हमें अपने जीवन में समाज और परिवार के प्रति कैसा व्यवहार या कर्म करना है,संचालन करते हुए संदीप मिश्र कहा कि “शिक्षा और धार्मिक ग्यान व्यक्ति को साहसी बनाते हैं, दोनों ही कठिनाइयों का सामना करने के लिए अतिआवश्यक है
इस अवसर पर सतीश दीक्षित, हीरा दीक्षित, राहुल दीक्षित, अधिवक्ता अशोक दीक्षित, मोहित गोंड, रविंद्र शर्मा, राम आधार चौहान, अनूप दीक्षित, पप्पू दीक्षित, हिमांशु, ऋषि शर्मा, आदित्य दीक्षित, रामानंद चौहान,दिलीप शर्मा, रजनीश शर्मा,योगेन्द्र यादव, राकेश , हृदया नंद, प्रमोद गुप्ता, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।